ग्रामीणों के पसीने ने बांधा नदी का पानी

2018-12-22

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तस्वीर द्वारा-

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लेखक-ब्रजेश राय

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झारखंड के लातेहार जिले में सदर प्रखंड का सुदूरवर्ती हेसलवार गांव पानी की कमी से हमेशा जूझता रहता था। पानी की घोर परेशानी के कारण गांव वालों की बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता था। गांव की इस समस्या से लातेहार के बीडीओ गणेश रजक अच्छी तरह वाकिफ थे। उन्होंने गांव वालों को थोड़ा प्रेरित क्या किया, गांव वाले संकल्पित होकर उठ खड़े हुए और 300 फीट चौड़ी नदी पर बंध गया बांध। इस बांध के बंध जाने से इस गांव के साथ आसपास के गांवों की 300 एकड़ जमीन को पानी मिलने लगा है। अब खेती के लिए पानी नहीं मिलने की समस्या से भी यहां के ग्रामीण मुक्त हो गये हैं।
सिंचाई व पलायन बड़ी समस्या
हेसलवार गांव के ग्रामीणों का मुख्य पेशा कृषि ही है। कृषि के लिए पानी नितांत जरूरी है। बरसाती नदी में  पानी हमेशा रहता नहीं है। इस कारण साल भर खेती करने में यहां के ग्रामीण असमर्थ थे। सिंचाई के अभाव में लोग काम की तलाश में पलायन भी कर जाते थे। इस साल तो पानी भी कम बरसा, इस कारण गांव में खेती की संभावना पूरी तरह से खत्म हो गयी थी, लेकिन इस बांध के बन जाने के बाद गांव के खेतों में अब पानी पहुंचने की पूरी संभावना प्रबल हो गयी। 
उपायुक्त और बीड़ीओ ने किया प्रेरित
दरअसल, लातेहार के उपायुक्त राजीव कुमार सदर प्रखंड के सासंग पंचायत के हेसलबार गांव में पहुंचे थे एवं गांव के ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया था। जिसमें नदी पर बांध बनाकर पानी रोके जाने को लेकर बीडीओ गणेश रजक एवं ग्रामीणों के मन में बांध बनाने का जज्बा भरा। उपायुक्त से मिले हौसले और बीडीओ गणेश रजक के सहयोग ने काम आसान कर दिया। गांव के मुखिया एवं सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने मिलकर श्रमदान से हेसलबार गांव के ततहा नदी पर पुल निर्माण कार्य करने की ठानी। बीडीओ गणेश रजक, मुखिया एवं ग्रामीणों ने खुद पुल निर्माण कार्य को अमलीजामा पहनाने के लिए श्रमदान करना आरंभ किया। इसका नतीजा हुआ कि देखते ही देखते ततहा नदी पर बांध निर्माण कार्य पूर्ण हो गया। ततहा नदी पर बोराबांध निर्माण कार्य में प्रखंड विकास पदाधिकारी ने ग्रामीणों के साथ खुद मिलकर बांध निर्माण कार्य किया। इस दौरान उन्होंने बोरा में बालू भर बांध कार्य में लगाया। प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा खुद कार्य किए जाने के कारण ग्रामीणों में काफी उत्साह देखा गया। ग्रामीणों ने पूरी लगन से बांध निर्माण कार्य में श्रमदान किया। 
श्रमदान में गांव के पुरूषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी बढ़चढ़ कर भाग लिया। ग्रामीणों के इस कार्य की चर्चा अन्य गांवों में भी होने लगी है। बोरा बांध बनने के साथ ही बांध में पानी रुकना शुरू हो गया है। अब तो ग्रामीणों में उत्साह देखा जा रहा है।
300 एकड़ भूमि को मिलेगा पानी
सदर प्रखंड के ततहा नदी पर हेसलबार के ग्रामीणों ने श्रमदान कर अपने जो पसीने बहाए उस पसीने के पानी से हेसलबार गांव समेत आसपास के गांव के तीन सौ एकड़ भूमि सिंचिंत होगा। सबसे बड़ी बात है कि श्रमदान कार्य के कारण जहां सरकारी राशि की बचत हुई, वहीं ग्रामीणों के खेतों में पानी पहुंच जाने से गांव के किसान अधिक फसल उगा कर स्वावलंबन के राह पर चल पड़ेंगे