हेल्पलाइन नंबरों को 'हेल्प' की जरूरत

2019-02-16

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तस्वीर द्वारा-

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लेखक-चंडी दत्त झा

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झारखंड सरकार ने आम लोगो की सुविधा के लिए कई हेल्पलाइन नम्बर जारी किया हैं. इनमें कुछ टोल फ्री भी हैं. लेकिन, इनमें से अधिकतर से हेल्प मिलने की कोई उम्मीद नहीं रहती। सवाल यह उठता है िक किस भरोसे आम लोगो को हेल्पलाइन नंबर का लाभ मिलेगा। विभागीय उदासीनता या लापरवाही का खमियाजा आम लोगो को भुगतना पड़ता है। आम लोग बड़ी उम्मीद से इन नंबर्स पर काल कर जानकारी लेते हैं। मगर हेल्पलाइन नंबर काम नहीं करने से जानकारी मिलना मुश्किल हो गया।
राज्य सरकार ने आम लोगों की सुविधा के लिए कई हेल्पलाइन नंबरों की सुविधा शुरू की है। इनमें कुछ टोल फ्री भी हैं। लेकिन, इनमें से आधे से अधिक खराब चल रहे हैं। इन हेल्पलाइन नंबरों पर डायल करने से 'यह नंबर पहुंच से बाहर है', 'यह नंबर गलत है', 'यह नंबर मौजूद नहीं है' आदि आवाजें आती हैं। यहां तक कि महिला सुरक्षा के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर 9431700063 भी काम नहीं कर रहा है। ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा भी भगवान भरोसे ही है। 25 हेल्पलाइन नंबरों की पड़ताल भी गयी। सभी नंबरों पर चार-पांच बार काल किये गये, मगर 11 हेल्पलाइन नंबर ही चालू पाये गये। बाकी 14 हेल्पलाइन नंबर बंद मिले या कोई अन्य संदेश मिले। कुछ हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल किया गया, तो घंटियां बजती रहीं, कोई रिस्पांस नहीं मिला। ऐसा लगा, जैसे वहां कॉल रिसीव करने वाला कोई हो ही नहीं। इन हेल्पलाइन नंबरों को तत्काल हेल्प की जरूरत है, लेकिन तत्संबंधित अधिकारियों को इसकी कोई चिंता नहीं है। 
नाम हेल्पलाइन, पर हेल्प की उम्मीद नहीं
हेल्पलाइन नंबर आम लोगों की सहायता के लिए जारी किये जाते हैं। ज्यादातार मुश्किल समय में सहायता के लिए हेल्प लाइन नंबर जारी किये जाते हैं। लेकिन फिलहाल राजधानी के अधिसंख्य हेल्पलाइन नंबर से हेल्प की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती है। यह कब तक ठीक होंगे, यह बताने वाला भी कोई नहीं है। विभागीय उदासीनता या लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है। आपात सेवा हो या किसान काल सेंटर, महिला सुरक्षा हो या एंटी ट्रैफिकिंग, सब के सब बेकार पड़े हैं। आम लोग बड़ी उम्मीद से इन नंबरों पर कॉल कर जानकारी लेते हैं, लेकिन उन्हें कोई सहायता नहीं मिल पा रही है।
स्वास्थ्य, पुलिस व जनसंवाद केन्द्र सक्रिय
स्वास्थ्य हेल्प लाइन-104, एंबुलेंस-108, पुलिस हेल्पलाइन-108, जनसंवाद केन्द्र-181 जैसे हेल्प लाइन नंबरों से आम लोगों को काफी सहायता मिल रही है। जनसंवाद केन्द्र में 181 नंबर के कारण ही जन शिकायतों का अंबार लगा हुआ रहता है। 108 नंबर के कारण आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। वहीं 100 नंबर पर डायल कर कोई भी पुलिस को किसी घटना की जानकारी उपलब्ध करा देता है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हेल्प लाइन नंबरों से आम लोगों को कितनी सहायता मिलती है। इसके बावजूद कई विभागों के लोग इसके प्रति अभी भी लापरवाह बने हुए हैं।