गांव-गांव पहुंची बिजली

2019-02-16

|

तस्वीर द्वारा-

|

लेखक-नवनीत नंदन

image

image


आज झारखंड के सभी 32,000 गांव बिजली की दुधिया रोशनी नहा रहे हैं। यह राज्य के लिए गौरव की बात है।  कुछ माह पूर्व ही मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एक समारोह में राज्य के सभी 32,000 गांवों में बिजली पहुंचाने की घोषणा की थी। साथ ही यह भी घोषणा की गयी थी कि झारखंड देश का 18वां राज्य बन गया है, जहां गांव-गांव में बिजली पहुंचा दी गयी है। अब राज्य का कोई ऐसा गांव नहीं बचा है, जहां बिजली की रोशनी नहीं पहुंची हो।
आरएपीडीआरपी योजना
वर्ष 2018 में आरएपीडीआरपी योजना पर भी तेजी से कार्य किया गया है। राज्य के कई शहरों में आरएपीडीआरपी योजना के तहत कार्य किये जा रहे है। राजधानी रांची में भी आरएपीडीआरपी योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। हालांकि रांची में इस योजना में विलंब जरूर हुआ है। लेकिन अब निर्धारित लक्ष्य को पाने के लिए तेजी से कार्य किये जा रहे है। इस योजना के तहत भूमिगत केबुल लगाना, पुराने 33 व 11 हजार लाइन को बदलना, सब स्टेशनों का निर्माण करना, पुराने ट्रांसफार्मर को बदला जाना तथा क्षमता बढ़ाना आदि कार्य किये जा रहे हैं।
सुदूर व दूरस्थ गांवों में भी पहुंची बिजली
बिजली निगम ने उन गांवों में भी बिजली पहुंचाने का काम किया, जहां जाने का कोई साधन तक नहीं था। वाहन आदि जाने के लिए रास्ते नहीं थे। सिर्फ पैदल ही उन गांवों में पहुंचा जा सकता था। ऐसे बिजली निगम के लिए उन गांवों में बिजली पहुंचाना एक चुनौती थी। इसके बावजूद इन गांवों में बिजली पहुंचाने का कार्य किया गया। गांव को लोग तथा बिजली निगम के कर्मी इन गांवों में बिजली पहुंचाने के लिए पोल, तार, ट्रांसफार्मर आदि उपकरण कंधों पर लेकर गये तथा इन गांवों का विद्युतीकरण किया। अब राज्य के सभी गांवों में बिजली पहुंचा दी गयी है।  
घर-घर में बिजली 
राज्य के सभी 32,000 गांवों में बिजली पहुंचाने के बाद झारखंड बिजली निगम ने राज्य के घर-घर में बिजली पहुंचाने का बीड़ा उठाया और इसमे भी अब तक बिजली निगम को काफी कामयाबी मिली है। आज राज्य के तकरीबन हर घर में बिजली पहुंचा दी गयी है, जिन घरों में बिजली नहीं पहुंची है, उन घरों में बिजली पहुंचाने का कार्य जोर-शोर से किया जा रहा है। बिजली निगम के अभियंता हर घर बिजली पहुंचाने के लिए कैंप भी कर रहे हैं या फिर एक मिस्ड कॉल पर ही बिजली निगम के अभियंता संबंधित व्यक्ति के घर पहुंचकर बिजली कनेक्शन देने का काम कर रहे हैं। घर-घर बिजली पहुंचाने की योजना भी अंतिम चरण में है।
उग्रवाद प्रभावित गांवों में भी पहुंची बिजली
इससे पूर्व झारखंड के कई ऐसे गांव थे, जो पूर्ण रूप से उग्रवाद प्रभावित थे। उन गांवों में बिजली पहुंचाना एक सपना जैसा था। बिजली निगम के अधिकारी या ग्रामीण विद्युतीकरण का कार्य कर रहे एजेंसी के लोग भी वहां जाने से कतराते थे। इस वजह से उन गांवों में विद्युतीकरण का काम प्रभावित हो रहा था। इसके बाद वर्तमान प्रबंधन ने इन उग्रवाद प्रभावित गांवों बिजली पहुंचाने की ठानी तथा कार्य आरंभ किया और देखते ही देखते राज्य के इन उग्रवाद प्रभावित गांवों में बिजली पहुंचाकर रोशन कर दिया गया। इस दौरान निगम के अधिकारियों को कई कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ा। लेकिन वे हार नहीं माने।