दिशा बदलती महिलाएं - महिला सशक्तिकरण

10.1.2017

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तस्वीर द्वारा-

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लेखक-मेघा शिरोमणि किरो

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परिदृश्य बदल रहा है महिलाओं की भागीदारी सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ रही है महिला सशक्तिकरण हो रहा है ये कुछ चुनिन्दा पंक्तिया है जो यदा कदा अखबारों में टीवी न्यूज़ चैनेल पर और नेताओं के मुंह से सुनने को मिल जाता है अपने क्षेत्र में खास उपलब्धियाँ हासिल करने वाली कुछ महिलाओं की उन्नति को दर्शाता है पर आप धयान दें तो कुछ अद्भुत काम करने वाली महिलाएं तो हर काल में रही है सीता से लेकर दौप्रदी,रजिया सुल्तान से लेकर दुर्गावती,रानी लक्ष्मीबाई से लेकर इंदिरा गाँधी एवं किरण बेदी से सानिया मिर्ज़ा तक. झारखण्ड के परिवेश में देखें तो यंहा भी आपको कई नाम मिल जाएगा जैसे दीपिका कुमारी, प्रेमलता अग्रवाल, निक्की प्रधान. परन्तु महिलाओं की स्थिति में कितना परिवर्तन आया ? और आम महिलाओं ने परिवर्तन को किस तरह से देखा? क्योंकि आज महिलाएं एक तरफ तरक्की की चोटी पर है तो दूसरी तरफ उनके खिलाफ अपराध बढ़ रहे है शहर असुरक्षित होते जा रहे है कुछ चुनिन्दा लोगों की वजह से कई सारी अन्य महिलाओं एवं लडकियों के बाहर निकलने के दरवाजे बंद हो जाते है दरअसल असल परिवर्तन तो आना चाहिए लोगों के जीवन में. जरुरत है उनकी सोच में परिवर्तन लाने की. आम महिलाओं की जीवन में परिवर्तन उनकी स्थिति में, उनकी सोच में परिवर्तन लाने का है और वास्तव में यही है असली सशक्तिकरण .....बंद दरवाजों को खोलने की, रौशनी को अन्दर आने देने की, प्रकाश में अपना प्रतिबिम्ब देखने की, उसे सुधारने की,निहारने और निखारने की... इसी कड़ी में एक और दरवाजा है- आत्म निर्भरता – आर्थिक आत्म निर्भरता..उन्हें बचपन से सिखाया जाता है कि खाना बनाना जरुरी है लेकिन आज जरूरत है कि सिखाया जाय; कि कमाना भी जरुरी है आर्थिक रूप से सक्षम होना भी जरुरी है अगर शिक्षा में कुछ अंश जोड़े जाए जो उनको किताबी ज्ञान के साथ व्यवहारिक ज्ञान भी दे. उनके कौशल को उपयुक्त बनाए. उनको इस लायक बनाए कि वे स्वयं का खर्च वहन कर सकें. तभी शिक्षा के मायने सार्थक होंगे. जरुरी नहीं कि हर कमाने वाली लड़की डाक्टर या शिक्षिका हो. वे खाना बना सकती है, कपडे बना सकती है पर सिर्फ अपने घर में. उनके इसी हुनर को घर के बाहर लाना है. आगे बढ़ाना है. यह एक सोच है. जरुरत है इस सोच को आगे बढ़ाने की. उनके कौशल को उनकी जीवन रेखा बनाने की. ताकि समय आने पर वे व्यवसाय कर सके.ये उन्हें गति देगा, दिशा देगा,आत्माभिमान देगा. यह एक खुशहाल भविष्य की कामना हैं अमल करें, अभी करें..